बुधवार, 2 अगस्त 2017

कोशिश है कि..

कोशिश है कि हुनर हर हाथ हो,
कुशल हर इंसान हो
और हर हाथ को काम हो..

उद्यमी हो देश अब प्रगति के मार्ग पर,
तकनीक और उद्योग अब ,
देश की पहचान हो..

ज्ञान और विज्ञान के सब
ध्वज हमारे हाथ हैं,
तारों के आकाश तक
अब हमारे नाम हैं,

कर्म अब जो साथ लें तो
धर्म अपने साथ हो..
तकनीक और उद्योग अब,
देश की पहचान हो..

अक्षिणी

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